DARBHANGA
25-07-2012
10:50pm
उपरवाला चाहे तो….. किसी भी मोड़ पर , अर्शो से बिछड़े मिल जाते है!
______________________________________________
आज कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ,
जब एक दोस्त लगभग ८ बरस बाद मुझे … मधुबनी के रेलवे स्टेशन पर मिला !
(रतन)…
यु तो एक दुसरे को देखते रहे हम„,
फिर एक दुसरे की पहचान हुई …. वो पल हमरे लिए बेहद खास था …..
मै तो उसका नाम भी भूल गया था , लेकिन उसे मेरा नाम याद था!
उसके मिलने से मुझे एक और पुराने दोस्त का (प्रवीन) का मोबाइल
नंबर मिला !!!
आज पूरा दिन मै बेहद खुस था !!!
…………क्योकि दोस्ती के रिश्ते को मै बहुत अहमियत देता हुआ !!!
मेरे लिए मेरे दोस्त बेहद खास है!,
आशा करता हु की कल मेरी प्रवीन से बात हो सकेगी !!
शुभ रात्रि ….
संस्कृत के एक श्लोक में कहा गया है कि गुणी लोगों की गिनती में, किसी बेटे का नाम अगर पहली ऊँगली से आगे चला जाए और उस की माँ भी “बेटे-वाली” कहलाये तो पुत्र-हीन कैसी होती होगी ? आज़ाद एक ऐसा नाम है जिसे हिन्दुस्तान का ज़मीर जब भी जबान पर लाता है अन्दर ख़ून अपने स्वाभिमान की लहरें गिनना शुरू कर देता है ! चार गज कपडा,जनेऊ और एक पिस्तोल इन पहचानों के साथ उन्होंने देश पर मरने वालों के लिए एक मानक तय किया